हनुमान जयंती क्या है?
हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव का पर्व है। यह दिन पवनपुत्र हनुमान की भक्ति, बल, बुद्धि और सेवा के गुणों को याद करने और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने का पवित्र अवसर होता है।
इस दिन, लाखों भक्त हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, और संकट मोचन अष्टक का पाठ करते हैं, और व्रत, पूजा, दान और उपासना करते हैं।
हनुमान जयंती 2027 – तिथि और शुभ मुहूर्त
विवरण समय
तिथि मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
04:53:13 से पूर्णिमा आरम्भ. अप्रैल 21, 2027 को 03:58:43 पर पूर्णिमा समाप्त
विशेष बात इस बार हनुमान जयंती मंगलवार को है – जो हनुमान जी का प्रिय वार है
गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान भक्ति
गोस्वामी तुलसीदास जी ने 16वीं शताब्दी में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, और संकट मोचन हनुमान अष्टक जैसे अद्भुत स्तोत्रों की रचना की थी। उनका योगदान हनुमान भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने में अमूल्य है। हनुमान जयंती पर तुलसीदास जी की रचनाओं का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
हनुमान जयंती का महत्व
- यह दिन हनुमान जी के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है
- हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है
- भक्तों की शनि दोष, शत्रु बाधा, डर, रोग और चिंता** से रक्षा करते हैं
- यह दिन आत्मिक बल, एकाग्रता और संयम के लिए प्रेरणा देता है
हनुमान जयंती पर पूजा विधि
स्नान प्रातः स्नान करके लाल/केसरिया वस्त्र पहनें
पूजा घर के मंदिर में या हनुमान मंदिर में दीया जलाएं
अर्पण सिंदूर, लाल फूल, चना-गुड़ का भोग लगाएं
- “ॐ हनुमते नमः” का 108 बार जप
- हनुमान चालीसा या संकट मोचन अष्टक का पाठ
- आरती करें व प्रसाद वितरित करें
- यथासंभव सुंदरकांड का पाठ करें
- गरीबों को भोजन या वस्त्र दान करें
हनुमान जयंती के लाभ
- संकटों, शत्रुओं और बाधाओं से रक्षा
- शनि दोष, राहु-केतु और ग्रह पीड़ा से मुक्ति
- साहस, आत्मबल और निडरता की प्राप्ति
- भक्ति और आत्मिक विकास में सहायक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हनुमान जयंती 2025 कब है?
मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाएगी।
हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?
भगवान हनुमान जी के जन्मदिवस के रूप में यह पर्व श्रद्धा, शक्ति और सेवा की भावना को समर्पित होता है।
इस दिन क्या करना चाहिए?
हनुमान चालीसा का पाठ करें, व्रत रखें, आरती करें, दान करें और सुंदरकांड का पाठ करें।
क्या हनुमान जयंती पर व्रत करना आवश्यक है?
व्रत करना शुभ होता है, लेकिन श्रद्धा और नियम के अनुसार। फलाहार या सात्विक भोजन लेकर व्रत किया जा सकता है।
क्या गैर-हिंदू भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं?
हाँ। हनुमान जी के प्रति श्रद्धा रखने वाला कोई भी व्यक्ति उनका नाम जप सकता है और कृपा प्राप्त कर सकता है।
हनुमान चालीसा, स्तोत्र, कवच, आरती और मंत्र
- हनुमान चालीसा
– श्री हनुमान चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ पढ़ें। - आंजनेय चालीसा
– भगवान आंजनेय को समर्पित चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ पढ़ें। - संकट मोचन हनुमान अष्टक
– संकट मोचन हनुमान अष्टक का संपूर्ण हिंदी पाठ पढ़ें। - हनुमान बाहुक
– गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान बाहुक का संपूर्ण पाठ पढ़ें। - बजरंग बाण
– श्री हनुमानजी को समर्पित बजरंग बाण का संपूर्ण हिंदी पाठ पढ़ें। - मारुति स्तोत्र
– भगवान मारुति को समर्पित मारुति स्तोत्र का संपूर्ण पाठ पढ़ें। - आंजनेय दण्डकम्
– भगवान आंजनेय की स्तुति में आंजनेय दण्डकम् का पाठ पढ़ें। - हनुमान सहस्रनाम स्तोत्र
– श्री हनुमानजी के एक हजार नामों का संपूर्ण पाठ पढ़ें। - सुंदरकांड पाठ
– श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का संपूर्ण हिंदी पाठ पढ़ें। - पंचमुख हनुमत्कवचम्
– पंचमुखी हनुमानजी को समर्पित हनुमत्कवचम् का संपूर्ण पाठ पढ़ें। - हनुमान जी की आरती
– श्री हनुमानजी की संपूर्ण आरती हिंदी में पढ़ें। - हनुमान मंत्र
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